Virus kya hai aur yeh kaise kaam krta hai ? In hindi

Virus kya hai aur yeh kaise kaam krta hai ? In hindi

Virus kya hai aur yeh kaise kaam krta hai ? In hindi:- Hello friends yourstudynotes.com में एक बार फिर से आप सभी का स्वागत है | आज हम आपको बताने जा रहे है वायरस के बारे में | आशा करते है आपको हमारे द्वारा दी गयी जानकारी पसंद आएगी |तो चलिए शुरु करते है |

Virus kya hai :-

Friends जिस प्रकार Tहमारे यह कुछ अच्छे लोग होते है | वही कुछ बुरे लोग भी होते है |उसी प्रकार Computer कि दुनिया में कुछ ऐसे program होते है जो कि computer को चलाने /use करने में हमारी मदद करते है वही कुछ ऐसे भी प्रोग्राम होते है जो computer को नुकसान पहुचाते है वह Virus कहलाते है |

Friends अगर हम दूसरे शब्दों में कहे तो computer कि दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र programming का होता है | computer के अनुप्रयोग को पूरा करने के लिए प्रोग्राम तैयार किये जाते है | software program और पैकेज विभिन्न उधेश्यो कि पूर्ति के लिए विकसित किए जाता है | ऐसे Program computer को इस्तेमाल करने के लिए बहुत उपयोगी होते है और इन program के बिल्कुल बिपरीत कुछ ऐसे प्रोग्राम होते है जो हमारे Computer को क्षति पहुचाते है ऐसे प्रोग्राम वायरस कहलाते है | वायरस भी computer प्रोग्राम ही होते है लेकिन यह अच्छे प्रोग्राम कि जगह बुरे प्रोग्राम होते है जो कि कुछ programmer / Hacker अपने Entertainment के लिया या किसी को परेशान करने के लिए या अपने फायदे के लिए या फिर किसी के computer से data को चोरी करने के लिए Virus को बनाया जाता है |

जिस प्रकार मानव के शरीर में वायरस जीवाणु प्रविष्ट होकर मानव के शारीर को हानि पहुचाते है उसी प्रकार computer वायरस अच्छे भले प्रोग्राम को विभिन्न प्रकार से हानि पहुचाते है |

Working of virus:-

Computer virus एक executable program होता है | वायरस इसकी कार्य विधि के अनुसार hard disk के content को damage करता है और Computer के Normal ऑपरेशन को बाधित करते है | इसकी कार्यविधि में स्वयं को replicate (दोहराने) करने का गुण काम आता है | यह replication virus कि कई सारी Copy बना देता है यह क्रिया इस program के Code में लिखी रहती है |

  1. जब वायरस computer में प्रवेश करता है तो यह स्वयं को computer में स्थित किसी भी प्रोग्राम से Attach कर लेता है वायरस जिस Program में Attach होता है | वह इसके लिए host program होता है |
  2. इसके बाद वायरस computer memory को प्रयुक्त करता है |
  3. अब user ऐसे प्रोग्राम को run करता है तो वायरस भी execute हो जाता है इस प्रक्रिया का user को भी पता नही चलता है |
  4. virus program में कुछ ऐसे Instruction होते है जो कुछ ‘Events’ इनिसियेट करते है | और इन्ही Events से Computer को नुकसान पहुचता है |
  5. इसी प्रक्रिया में प्रत्येक वायरस कि एक यूनिक event बनती है ये event और उसके प्रभाव निरन्तर डिस्क में अपना Replication करते रहते है |

Types of Virus:-

Computer system में Storage के विभिन्न स्थान होते है जैसे – primary memory, secondary memory, hard disk, floppy disk, CD, DVD etc. virus भी इन Storage के अनुसार विभिन्न होते है इनको इनकी कार्यशैली के अनुसार निम्नलिखि वर्गो में विभाजित किया गया है |

Boot sector Virus:-

किसी भी डिस्क में प्ररम्भिक Sector boot sector का काम करता है इस प्रकार के Virus program hard disk के boot sector में स्टोर हो जाते है | और जब computer में इन्हें hard disk से operating system में load करते है तो यह प्रोग्राम ऑपरेटिंग सिस्टम को लोड नही होने देता है |

partition table virus:-

यह वायरस Hard disk कि Partition table को नुकसान पहुचता है जब भी कोई वायरस Hard disk के Partition table को प्रभावित करता है तब यह Data के क्षेत्र को प्रभावित नही करता है वह सिर्फ प्रोग्राम क्षेत्र MBR (Master Boot Record) पर ही प्रभावित होता है | यह वायरस स्वयं को मेमोरी में सबसे ऊपर के क्षेत्र पर Load कर देता है | RAM के उपयोगी Space को कम कर देता है | डिस्क के Input / output operation को प्रभावित करता है |

File virus :-

इस प्रकार के वायरस Executable file में प्रविष्ट हो जाते है और ये तभी काम करना शुरू करते है जब किसी वायरस युक्त EXE file को use में लिया जाता है |

 

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