SIM Card kya hai? iska kya use hai in hindi

SIM Card kya hai? iska kya use hai in hindi :-  हेल्लो फ्रेंड yourstudynotes.com में आप सभी का स्वागत है आज  की इस पोस्ट में हम सिम के बारे में बात कर रहे हैं कि सिम कार्ड क्या है? और यह कैसे काम करता है? आज हर किसी के पास अपना मोबाइल फोन मिल जाएगा और हर किसी को इसका इस्तेमाल करना अभी अच्छे से आता है और जिसके पास मोबाइल फोन है उस और उसमें सिम नहीं है तो वह कोई मतलब का नहीं है। आप सभी लोग सिम कार्ड के बारे में भली-भांति जानते होंगे परंतु हम इस पोस्ट में सिम के बारे में डिटेल में बताएंगे तो बने रहिए हमारी वेबसाइट पर तो चलिए स्टार्ट करते है

What is a SIM Card ? (Sim Card kya hai ?)

सिम कार्ड(SIM card) का पूरा नाम Subscriber Identity Module है। यह एक छोटी इलेक्ट्रॉनिक चिप है। इसको मोबाइल में डालने के बाद यह मोबाइल के सिस्टम से कनेक्ट हो जाता है और यह मोबाइल से नजदीकी की कोई जीएसएम (GSM) नेटवर्क को सर्च करता है और सर्च करने के बाद जीएसएम (GSM) नेटवर्क मिल जाता है तो वह उस कनेक्ट हो जाता है। यह जीएसएम (GSM) नेटवर्क मोबाइल के ट्रांसलेटर से सिग्नल भेजकर कनेक्ट होता है। और कनेक्ट होने के बाद आप इससे कॉल कर सकते हैं और कॉल रिसीव भी कर सकते हैं। जब भी हम अपने मोबाइल नंबर से कोई नंबर डायल करते हैं तो वह नजदीकी के  किसी जीएसएम टावर से फोन की पहचान करता है और जो नंबर आपने डायल किया है। उसकी इंफॉर्मेशन सेटेलाइट की हेल्प से सर्च  करके उसको कनेक्ट करने में हेल्प करता है तो इस तरह से हम किसी को भी कॉल कर पाते हैं।

Types of SIM Cards (SIM के प्रकार )

  1. GSM
  2. CDMA

GSM

जीएसएम टेक्नोलॉजी (GSM technologies) का मतलब होता है। ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल (Global system for mobiles) और यह सबसे पहले 1970 में बनाया गया था। जिस लेबोरेटरी में से बनाया गया था। उस लेबोरेटरी का नाम बैल लेबोरेटरी है।  यह सिम 900 megahz और 800 megahz से लेकर 1-8ghz frequency बंद तक काम करती है l यह सिम narrow band tranmision techniques  यूज करती है जो कि Time Division Access multiplexing का एक हिस्सा है। इसमें डाटा ट्रांसफर की रेट 16kbps से लेकर 120kbps तक होती है। और अब नई नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके इसकी स्पीड कई गुना बढ़ा दी गई है।

CDMA

इसका पूरा नाम कोड डिविजन मल्टीप्ल एक्सेस (Code division multiple access) है। इसमें कम्युनिकेशन स्प्रेड स्पेक्ट्रम टेक्नोलॉजी (communication spread spectrum technology ) के हिसाब से होता है। यह एक स्पेशल कॉलिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके कम्युनिकेशन करता है।

CDMA SIM Card भी दो प्रकार के होते है

  1. Prepaid
  2. Postpaid

Prepaid :

प्रीपेड सिम का यूज करने से पहले हमको रिचार्ज कराना पड़ता है बिना रिचार्ज के हम कॉल मैसेज आदि  नहीं कर सकते हैं।

Postpaid

इसका मतलब है कि आपको किसी भी कॉल या मैसेज करने के लिए पहले रिचार्ज नहीं करवाना पड़ता इसका कनेक्शन लेने के बाद आपको हर महीने बिल चुकाना पड़ता है। इसके बाद ही आपको अगले महीने कॉल कर सकते हैं। इस तरह पोस्टपेड सिम काम करता है।