MANET kya hai aur kaise kaam karta hai

MANET kya hai aur kaise kaam karta hai :- MANET का पुराना ‘mobile Ad-hoc network’ है, MANET को wireless ad-hoc या Ad-hoc wireless network भी कहा जाता है l MANET के पास एक Rout करने के लायक सुविधा या वातावरण होता है l  जो कि link layer Ad-hoc के सबसे ऊपर रहता है l MANET के अंदर बहुत सारे Nodes होते हैं, जो कि बिना तारों के आपस में जुड़े रहते हैं l  यह self-healing नेटवर्क होते हैं, अथार्त्त ये खुद को अपने आप ही ठीक कर सकते हैं l Mobile Ad-hoc network में कोई fix  infrastructure नहीं होता है l

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MANET में जो Nodes होते हैं , वह Ramdom तरीकों से कहीं भी घूमने के लिए स्वतंत्र होते हैं, और यह अपनी नेटवर्क टोपोलॉजी को स्वतंत्र रूप से बदलती रहती है l  MANET में प्रत्येक Nodes रूटर(Router) की तरह व्यवहार करता है, और ट्राफिक को अगले Nodes तक बढ़ाता रहता है l 

Mobile Ad-hoc Network के कार्य

  • Mobile Ad-hoc Network ऐसा नेटवर्क है जो स्टैंड अलोन वाले रूप में कार्य कर सकता है या किसी बड़े नेटवर्क का भाग भी हो सकता है l 
  • Mobile Ad-hoc Network एक बहुत ही ज्यादा Dynamic रूप से Autonomas topology को बनाते हैं, जो कि nodes के बीच या एक से ज्यादा विभिन्न transceivers की उपस्थिति के कारण बनते हैं l
  • Mobile Ad-hoc Network के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है कि वह सभी नोट्स को एक साथ रखे ताकि टॉपिक सही से चलता है और इंफॉर्मेशन सही से रूट पर पहुंचती रहे l 

Features of Mobile Ad-hoc Network Nodes

  • पीयर टू पीयर कनेक्शन होते हैं
  • self-healing  यानी खुद को ठीक करने वाले होते हैं l 

Mobile Ad-hoc Network के फायदे

  • सेंट्रल नेटवर्क संचालक से बिल्कुल अलग होते हैं l 
  • MANET में सारे Nodes 2 भूमिकाओं को निभा सकते हैं एक रूटर की और होस्ट की जो इसे ऑटोनॉमस  (Autonomous) बनाता है l
  • MANET self-healing होते हैं , इसलिए प्रॉब्लम आने पर या खुद रिपेयर होने की क्षमता भी रखते हैं l 

Mobile Ad-hoc Network के नुकसान

  • Noise interference condition इत्यादि के कारण इसमें संसाधन बहुत सीमित ही होते हैं l 
  • MANET में Authorization facility की कमी होती है l 
  • लिमिटेड फिजिकल सिक्योरिटी के कारण अटैक होने के chance ज्यादा रहते हैं l