Database management system in hindi :- हेल्लो फ्रेंड yourstudynotes.com में आपका स्वागत है आज की इस पोस्ट के जरिये हम आपको बताने जा रहे है की DBMS क्या है और इसका युजं कब और कहा किया जाता है तो बने रहिये हमारी इस वेबसाइट पर और डेली अपडेट चेक करते रहे

Database management system in hindi

माइक्रोसॉफ्ट एक्सेस 2013 एक डेटाबेस निर्माण और प्रबंधन प्रोग्राम है। एक्सेस को समझने के लिए, आपको पहले डेटाबेस समझना होगा।

DBMS क्या हैl

DBMS का full form Database Management System है। इसके नाम से ही पता चल रहा है की इसका उपयोग डेटाबेस को manage करने के लिए किया जाता है। दरअसल यह एक प्रकार का software होता है जिसकी मदद से database को create किया जाता है और उस डेटाबेस में data insert, update और delete जैसे task इसी सॉफ्टवेर की मदद से ही perform किये जाते हैं। यह एक interface provide करता है जिसके जरिये user उस डेटाबेस में data insert और modify भी कर सकता है। इसके अलावा किसी application द्वारा जरुरत पड़ने पर डेटाबेस को access किया जा सकता है।

उदाहरण के लिए जब आप फेसबुक पर अपना account बनाते हैं तो आपके द्वारा enter की गयी सारी जानकारियाँ Facebook के database में store हो जाती हैं। इन जानकारियों को देखने के लिए आप Facebook के application या website का उपयोग कर सकते हैं जो की उस database से linked होते हैं।

DBMS का कहाँ-कहाँ उपयोग होता है?

  • बैंकिंग
  • रेलवे रिजर्वेशन सिस्टम
  • एयरलाइन्स
  • लाइब्रेरी मैनेजमेंट सिस्टम
  • स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी
  • सोशल मीडिया साइट्स
  • टेलीकम्यूनिकेशन
  • ऑनलाइन शौपिंग
  • मिलिट्री
  • एच आर मैनेजमेंट
  • मैन्युफैक्चरिंग

DBMS के components

डीबीएमएस सिस्टम के चार मुख्य components होते हैं:
  1. डाटा: डेटाबेस में स्टोर होने वाला डाटा जो की कोई number, character, date, या कोई logical value हो सकता है।
  2. हार्डवेयर: कंप्यूटर, स्टोरेज डिवाइस, इनपुट-आउटपुट डिवाइस आदि।
  3. सॉफ्टवेयर: ऑपरेटिंग सिस्टम, DBMS software, application programs आदि।
  4. यूजर: यहाँ पर इसके तीन प्रकार के यूजर हो सकते हैं:
    • Database Administrator (DBA): डेटाबेस का डिजाईन और मेंटेनेंस का काम करता है।
    • Application Programmer: ऐसे एप्लीकेशन प्रोग्राम का निर्माण करता है जिससे डेटाबेस का उपयोग किया जा सके।
    • End-user: जो अलग-अलग प्रकार के प्रोग्राम और application के मध्यम से डेटाबेस में से data को access करता है और insert, update, delete जैसे operations perform करता है। (Introduction of DBMS 2013 in HIndi)

Some Name of DBMS software

कुछ popular DBMS software के नाम कुछ इस प्रकार हैं:

  • MySQL
  • SQLite
  • Microsoft SQL Server
  • Oracle
  • Microsoft Access
  • DBASE
  • IBM DB2
  • PostgreSQL
  • Foxpro
  • MariaDB
  • NoSQL

Also read :- MICROSOFT WINDOW KYA HAI IN HINDI

Advantage of DBMS

  1. Controlling Data Redundancy (डेटा रिडंडंसी को नियंत्रित करना) :- File Based System में प्रत्येक एप्लिकेशन प्रोग्राम की अपनी निजी फाइल होती है इस स्थिति में, कई स्थानों पर एक ही डेटा की डुप्लिकेट files बनाई जाती हैं। DBMS में, एक संगठन (organization)  के सभी डेटा को एक डेटाबेस फ़ाइल में एकीकृत किया जाता है मतलब की डेटा डाटाबेस में केवल एक स्थान पर दर्ज किया जाता है और इसे दोहराया नहीं जाता है।
  2. Sharing of Data (डेटा साझा करना) :- DBMS में, organization के authorized users (अधिकृत उपयोगकर्ताओं ) द्वारा डेटा साझा किया जा सकता है। डाटाबेस एडमिनिस्ट्रेटर डेटा को नियंत्रित करता है और डेटा को access करने के लिए उपयोगकर्ताओं को अधिकार देता है । कई उपयोगकर्ताओं को एक साथ जानकारी के समान टुकड़े तक पहुंचने का अधिकार दिया जा सकता है जा सकता है remote users भी समान डेटा साझा कर सकते हैं। इसी तरह, एक ही डाटाबेस के डेटा को अलग-अलग एप्लीकेशन प्रोग्राम के बीच साझा किया जा सकता है।
  3. Data Consistency (डाटा स्थिरता) :- डेटा रिडंडंसी (Data Redundancy) को नियंत्रित करके, डाटा स्थिरता प्राप्त की जाती है। मतलब की डाटाबेस में एक ही प्रकार के डेटा को बार-बार इन जमा होने से रोका जाता है
  4. Integration of Data (डेटा का एकीकरण):- DBMS में, डेटाबेस में डेटा tables (तालिका) में संग्रहित होता है। एक डेटाबेस में एक से अधिक tables होते हैं और तालिकाओं (या संबंधित डेटा संस्थाओं) के बीच रिश्तों को बनाया जा सकता है। इससे डेटा को पुनः प्राप्त करना और अपडेट करना आसान हो जाता है
  5. Data Security(डाटा सुरक्षा) :- DBMS में डाटा को पूरी तरह से Database Administrator (एडमिनिस्ट्रेटर) द्वारा नियंत्रित किया जाता है और डाटा बेस एडमिनिस्ट्रेटर ही यह सुनिश्चित करता है कि किस User को कितना Database के कितने हिस्से पर Access देना है या नहीं देना है इससे डेटाबेस कि सिक्योरिटी बहुत अधिक बढ़ जाती है |
  6. Recovery Procedures(डाटा रिकवरी ) :- कंप्यूटर एक मशीन है इसलिए यह संभव है कि कभी भी कंप्यूटर में कोई हार्डवेयर या सॉफ्टवेयर संबंधित समस्या उत्पन्न हो जाए ऐसे में यह बहुत जरूरी है की कंप्यूटर में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर उसमें रखें डेटाबेस को हम Recover कर पाएं DBMS में यह काम बड़ी आसानी से किया जा सकता है |