Advantage &Disadvantage of D.T.P

Advantage & Disadvantage of D.T.P:- Hello friends yourstudynotes.com में आपका स्वागत है आज हम आपको इस Post के जरिये बताने जा रहे है DTP के फायदे और नुकसान तो चलिए शुरु करते है l

ADVANTAGE & DISADVANTAGE OF D.T.P
ADVANTAGE & DISADVANTAGE OF D.T.P

Advantage of D.T.P :-

वैसे तो Friends D.T.P के कई सारे फायदे है जिनकी मदद से DTP में काम करना बहुत ही आसन हो गया |लेकिन उनमे से कुछ ये है |

  1. Speed
  2. Changes
  3. Law cost
  4. Various tool
  5. Page formatting

 

Speed:-

पुराने तरीके में Printing का काम बहुत ही धीमे होता था लेकिन D.T.P के आने के बाद Printing का काम बहुत आधिक तेजी से किया जा सकता है इससे हमारे समय कि बचत होती है |

Changes :-

D.T.P के Software में बनाये गये Document या File में आसानी से Changes कर सकते है इसमें किसी भी Word /text को हटा के किसी दूसरे Text को लाया जा सकता है और जो पहले से सेव File है उनमे भी हम Changes करके किसी और दूसरे नाम से Save कर सकते है |

Low Cost:-

पुराने time में किसी भी Book या Magzine को छापने के लिए बहुत ज्यादा खर्चा होता था |इसमें कई सरे Talented लोगो कि जरूरत पड़ती थी |लेकिन D.T.P के आने के बाद Printing का काम बहुत ही सस्ता हो गया इसमें पुराने तरीके कि बजह बहुत ही कम पैसे लगते है |

Various Tool :-

D.T.P के सभी Software में कई ऐसे tool होते है जिनकी मदद से हम अपने काम को और भी आसानी से कर सकते है जैसे कि Spell Check, Find & Replace, mail Etc.

Page Formatting:-

D.T.P के Software में कई सारे Page layout दिए रहते है जिनकी मदद से हम Page कि formatting कर सकते है जैसे कि Page में Border लगा सकते है , Font का Color change कर सकते है , किसी भी Font में Style दे सकते है etc.

Disadvantage of DTP:-

  1. D.T.P के आने से बेरोजगारी कि समस्या बढ़ गयी |
  2. इसमें बिजली कि खपत ज्यादा होती है |
  3. यह कम छपाई के लिए बहुत मंहगी है |
  4. DTP में Publishing के लिए किसी Computer Expert कि जरूरत होती है |

Traditional From & D.T.P में Difference

           Traditional Form                    D.T.P
1.       पुरानी विधि में पुरे Matter को Compose करने के लिए एक-एक अक्षर Compose किया जाता था | 1 . D.T.P में किसी भी Matter को Type करके Compose किया जाता है |
2.       पुरानी विधि में page का Layout बनाना बहुत ही कठिन था| 2 . D.T.P में किसी भी matter के लिए page का Layout बनाना बहुत आसान है |
3.       पुरानी विधि में किसी भी प्रकार के Matter के बीच में बदलाव करना संभव नही था | 3 . D.T.P में हम किसी भी प्रकार का बदलाव क्र सकते है |

 

4.       पुरानी विधि में Designing कि अपनी एक सीमा होती है | 4 . लेकिन D.T.P में Designing कि कोई सीमा नही होती है |
5.       पुरानी विधि में समय और धन दोनों ही बहुत खर्च होते थे 5 . D.T.P में समय और धन दोनों कि बचत होती है |